गुणकारी हल्दी अब बन रही बीमारी की वजह! बाजार में बिक रही हल्दी में मिल रहा सीसा, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
PUBLIC NEWS CG|भारतीय रसोई का सबसे अहम मसाला हल्दी अपने औषधीय गुणों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह सिर्फ खाने का स्वाद और रंग ही नहीं बढ़ाती, बल्कि एंटीसेप्टिक होने के कारण कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करती है। लेकिन अब यही हल्दी लोगों की सेहत के लिए खतरा बनती नजर आ रही है। नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बाजार में बिक रही कुछ हल्दी में बड़ी मात्रा में सीसा (लेड) मिलाया जा रहा है, जिससे वह ज्यादा चमकदार दिखाई देती है। यह मिलावट खासकर बच्चों के मानसिक विकास के लिए बेहद खतरनाक मानी जा रही है।
खेती में नहीं, सप्लाई चेन में हो रही गड़बड़ी
पर्यावरण संस्था टॉक्सिक्स लिंक की रिपोर्ट के अनुसार हल्दी की खेती के दौरान उसमें सीसे की समस्या नहीं होती। रिपोर्ट के लिए महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के खेतों से कच्ची हल्दी के 13 नमूने लेकर जांच कराई गई। सभी नमूनों में सीसे की मात्रा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की तय सीमा से काफी कम पाई गई। इससे साफ है कि खेतों में उगाई जाने वाली हल्दी सुरक्षित है।
बाजार में बिक रही हल्दी में हो रही सीसे की मिलावट
रिपोर्ट बताती है कि असली गड़बड़ी कटाई के बाद शुरू होती है। प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, भंडारण और सप्लाई चेन के दौरान हल्दी में मिलावट होने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ मामलों में हल्दी को अधिक चमकीला और आकर्षक दिखाने के लिए लेड क्रोमेट जैसे खतरनाक रसायनों की मिलावट की जाती है। इसी वजह से बाजार में बिकने वाली हल्दी में सीसे का स्तर बढ़ जाता है।
सीसे से हो सकता है भारी नुकसान?
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि सीसा एक बेहद जहरीली भारी धातु है, जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। इसके लगातार संपर्क में आने से बच्चों के मस्तिष्क का विकास प्रभावित हो सकता है। उनकी सीखने और समझने की क्षमता कमजोर पड़ सकती है, याददाश्त पर असर पड़ सकता है और व्यवहार संबंधी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। लंबे समय तक सीसे का सेवन किडनी, हृदय और प्रजनन स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकता है।
रिपोर्ट में क्या सुझाव दिए गए?
टॉक्सिक्स लिंक ने कहा है कि अब जांच का दायरा केवल खेती तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रोसेसिंग यूनिट, पैकेजिंग सेंटर, गोदाम और बाजार में बिकने वाली हल्दी की नियमित जांच की जानी चाहिए। साथ ही FSSAI और राज्य खाद्य सुरक्षा विभागों को मसालों की निगरानी बढ़ाने, बाजार में उपलब्ध हल्दी की लगातार जांच करने और मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।
उपभोक्ता कैसे रहें सुरक्षित?
गंभीर नुकसान से बचने विशेषज्ञों ने ये सलाह दी है 👇
✅हल्दी हमेशा भरोसेमंद ब्रांड या विश्वसनीय विक्रेता से ही खरीदें।
✅जरूरत से ज्यादा चमकीले पीले रंग वाली हल्दी से बचें।
✅यदि संभव हो तो साबुत हल्दी खरीदकर घर में पीसकर इस्तेमाल करना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
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