1 अप्रैल से सस्ती होगी शराब, प्लास्टिक बोतलों में मिलेगी - Public News CG

1 अप्रैल से सस्ती होगी शराब, प्लास्टिक बोतलों में मिलेगी - Public News CG

Public News CG: छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल 2026 से शराब बिक्री व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य के आबकारी विभाग ने नई नीति लागू करते हुए फैसला लिया है कि अब सरकारी शराब दुकानों में कांच की बोतलों की जगह प्लास्टिक की बोतलों में शराब बेची जाएगी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य लागत को कम करना और सप्लाई सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित व आसान बनाना है।

शराब की कीमतों में आएगी कमी

नई आबकारी नीति का सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। प्लास्टिक बोतलों के उपयोग से पैकेजिंग की लागत कम हो जाएगी, जिससे शराब की कीमतों में गिरावट आएगी। विभाग के अनुसार, प्रति पेटी कीमत में करीब 50 से 60 रुपये तक कमी हो सकती है। इससे लोगों को सस्ती शराब मिलेगी और बिक्री भी बढ़ने की संभावना है।

टूट-फूट से होने वाले नुकसान से राहत

अब तक कांच की बोतलों के कारण ट्रांसपोर्ट के दौरान टूट-फूट की समस्या रहती थी, जिससे सरकार को नुकसान उठाना पड़ता था। प्लास्टिक बोतलों के इस्तेमाल से यह समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। साथ ही ये बोतलें हल्की होती हैं, जिससे एक बार में ज्यादा मात्रा में स्टॉक भेजना आसान होगा और दुकानों में कमी की समस्या भी कम होगी।

पूरे राज्य में एक साथ लागू होगा नियम

यह नई व्यवस्था किसी एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में लागू की जाएगी। राज्य की 800 से ज्यादा सरकारी शराब दुकानों पर 1 अप्रैल से प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री शुरू हो जाएगी। विभाग ने उत्पादन इकाइयों को भी नए नियमों के अनुसार तैयारी करने के निर्देश दे दिए हैं।

पर्यावरण को लेकर बढ़ी चिंता

प्लास्टिक बोतलों के इस्तेमाल से पर्यावरण पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्लास्टिक कचरा बढ़ सकता है, जो एक बड़ी समस्या बन सकता है। इस मुद्दे को लेकर लोगों में चिंता भी देखी जा रही है।

रीसाइक्लिंग के लिए बनाए जाएंगे नियम

सरकार ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक बोतलों के कलेक्शन और रीसाइक्लिंग के लिए विशेष योजना बनाने की बात कही है। दुकानों के पास डस्टबिन लगाए जाएंगे और खाली बोतलों को इकट्ठा कर दोबारा उपयोग करने की व्यवस्था की जाएगी। इससे प्रदूषण को नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी।

   छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला जहां एक ओर शराब को सस्ता और उपलब्ध बनाता है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को लेकर नई चुनौतियां भी सामने लाता है। अब देखना होगा कि यह नई नीति जमीन पर कितनी सफल साबित होती है।

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