रूस से 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदेगा भारत: रिलायंस और IOC ने की बुकिंग, ईरान संकट के बीच बड़ा फैसला
Oil Import News: भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश की प्रमुख तेल कंपनियां Reliance Industries और Indian Oil Corporation ने रूस से करीब 3 करोड़ बैरल कच्चे तेल की बुकिंग की है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran से सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
ईरान संकट के बीच लिया गया फैसला
मध्य पूर्व क्षेत्र में हाल के समय में तनाव बढ़ने के कारण वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। इसी स्थिति को देखते हुए भारत ने समय रहते वैकल्पिक स्रोतों से तेल खरीदने की रणनीति अपनाई है। ऐसे में Russia भारत के लिए सबसे बड़ा और भरोसेमंद सप्लायर बनकर सामने आया है। रूस से मिलने वाला कच्चा तेल अक्सर अंतरराष्ट्रीय बाजार से कम कीमत पर मिलता है, जिससे भारत को आयात खर्च कम करने में मदद मिलती है।
जरूरत का 70% कच्चा तेल अब दूसरे रास्तों से आएगा
ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को ब्लॉक कर दिया है, जहां से दुनिया की 20% तेल सप्लाई होती है। वहीं, भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए भारत ने अपनी रणनीति बदल ली है और इस विवादित रास्ते पर निर्भरता कम कर दी है। वहीं, भारतीय कंपनियां जल्द से जल्द अपना स्टॉक भरना चाहती हैं।10% की बढ़ोतरी: भारत ने उन रास्तों से होने वाले कच्चे तेल के आयात में 10% की बढ़ोतरी की है, जो होर्मुज के दायरे में नहीं आते।नया रूटः पहले भारत अपनी जरूरत का 60% कच्चा तेल होर्मुज के अलावा अन्य रास्तों से मंगाता था, जिसे अब बढ़ाकर 70% कर दिया गया है। इससे खाड़ी देशों में छिड़ी जंग का असर भारत की सप्लाई चेन पर कम पड़ेगा। बता दें कि भारत अपनी जरूरत का करीब 85-90% कच्चा तेल 40+ देशों से मंगाता है।
एशियाई समुद्रों में बढ़ा तेल का ट्रैफिक
रूस से खरीदा गया कच्चा तेल बड़े टैंकर जहाजों के जरिए एशियाई समुद्री मार्गों से भारत तक पहुंचेगा। हाल के महीनों में इन समुद्री रास्तों पर तेल टैंकरों की आवाजाही भी काफी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस से तेल की सप्लाई लगातार बढ़ने के कारण एशियाई बाजार में रूसी तेल की मौजूदगी पहले से ज्यादा मजबूत हो गई है।
रूस बना भारत का प्रमुख तेल सप्लायर
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने रूस से तेल आयात में तेजी से बढ़ोतरी की है। पहले भारत की निर्भरता मध्य पूर्व के देशों पर ज्यादा थी, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों के बदलने के बाद भारत ने अपने सप्लायर देशों में विविधता लाने पर जोर दिया है। आज रूस भारत के सबसे बड़े कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो चुका है।
ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार रूस से 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। इससे देश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई स्थिर बनी रहेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर कम पड़ेगा। सरकार और तेल कंपनियां लगातार कोशिश कर रही हैं कि वैश्विक संकट के बावजूद देश में ईंधन की उपलब्धता और कीमतों पर ज्यादा दबाव न पड़े।



