पेट्रोल-डीजल 10-12 रुपए तक होंगे महंगे ? सोना ₹1.90 लाखजाएगा? अमेरिका-ईरान तनाव का असर

पेट्रोल-डीजल 10-12 रुपए तक होंगे महंगे ? सोना ₹1.90 लाखजाएगा? अमेरिका-ईरान तनाव का असर

ब्रेकिंग न्यूज़: अमेरिका-ईरान तनाव का असर, पेट्रोल-डीजल 10-12 रुपए तक महंगे हो सकते हैं, सोना ₹1.90 लाख तक पहुंचने की आशंका

America-Iran War: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। हाल ही में ईरान के सुप्रीम कमांडर खामेनेई की मौत की खबर सामने आ रही है। ऐसे में संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की आशंका गहराने से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयातक देश पर पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालात बिगड़ने पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10 से 12 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हो सकती है, वहीं सोना भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका

भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है। मध्य-पूर्व क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा केंद्र है। यदि वहां युद्ध जैसी स्थिति बनती है तो सप्लाई बाधित हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी। इसका असर सीधे घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ेगा।

ईरान में कच्चे तेल का विशाल भंडार स्थित है 

पेट्रोल-डीजल 10-12 रुपए तक महंगे हो सकते हैं

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आता है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल 10 से 12 रुपए प्रति लीटर तक महंगे हो सकते हैं। इससे ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भी महंगा हो सकता है। आम लोगों के मासिक बजट पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

अन्य वस्तुओं की महंगाई भी बढ़ेगी

ईंधन की कीमतें बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रक, बस और अन्य परिवहन साधनों का खर्च बढ़ने से खाद्य पदार्थों, सब्जियों, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। इससे महंगाई दर में उछाल आ सकता है और मध्यम वर्ग को ज्यादा बोझ उठाना पड़ सकता है।

सोना ₹1.90 लाख तक पहुंच सकता है ?

वैश्विक अनिश्चितता के दौर में निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं और सोना सबसे पसंदीदा विकल्प बन जाता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोने की कीमतों में करीब 30 हजार रुपए तक की तेजी आ सकती है। ऐसे में सोना ₹1.90 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। अगर तनाव लंबा चला तो यह स्तर और ऊपर जा सकता है।

शेयर बाजार और रुपये पर होगा असर?

अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है। निवेशक जोखिम से बचने के लिए बाजार से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे गिरावट और उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। रुपये पर भी दबाव बन सकता है, जिससे आयात और महंगा हो जाएगा।

अब आगे क्या?

फिलहाल पूरी दुनिया की नजर संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी है। अगर हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोल-डीजल और सोने की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। आम लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने खर्च और निवेश की योजना सावधानी से बनाएं।

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