US-Israel-Iran War Impact : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हालिया टकराव का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 10% की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होते ही भारत सहित कई देशों के शेयर बाजारों में बिकवाली बढ़ गई। निवेशकों में घबराहट का माहौल है और सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ी है।
सेंसेक्स 1048 अंक टूटा, 80,239 पर बंद हुआ
तनाव बढ़ने के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex करीब 1048 अंक गिरकर 80,200 के स्तर पर आ गया था। बैंकिंग, ऑटो, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। वैश्विक अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशकों ने बिकवाली तेज कर दी, जिससे बाजार पर और दबाव बना।
कच्चा तेल 10% महंगा, भारत पर बढ़ेगा असर
मध्य पूर्व तेल उत्पादन का बड़ा केंद्र है। ऐसे में वहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव सप्लाई को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में 10% तक उछाल आया है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका है। इससे महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है क्योंकि तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ेगा जिससे बाकी चीजें भी महंगी होगी।
सोना ₹7,000 महंगा,मांग बढ़ने का असर
बाजार में अनिश्चितता बढ़ते ही निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ रुख करते हैं। इस कारण सोने की कीमत में करीब ₹7,000 की तेजी दर्ज की गई। जानकारों का कहना है कि जब भी वैश्विक तनाव या युद्ध की स्थिति बनती है, सोना मजबूत होता है। आने वाले दिनों में यदि हालात नहीं सुधरे तो सोने में और तेजी देखी जा सकती है।
अब आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर कच्चे तेल, शेयर बाजार और महंगाई पर लंबे समय तक रह सकता है। फिलहाल निवेशकों को सावधानी से निवेश करने और बाजार की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

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