Petrol Diesel Price cut: भारत में जल्द गिरेंगे पेट्रोल डीजल के दाम? पेट्रोलियम मंत्री ने बताया सच

Petrol Diesel Price cut: भारत में जल्द गिरेंगे पेट्रोल डीजल के दाम? पेट्रोलियम मंत्री ने बताया सच

Petrol Diesel Price cut: देश में पेट्रोल और डीजल की महंगी कीमतों से परेशान आम जनता के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती कर सकती है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिए हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें अगले 2 से 3 महीने तक इसी तरह कम बनी रहती हैं, तो भारत में भी पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने पर विचार किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि फिलहाल इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है. गुरुवार को अपडेटेड क्रूड प्राइस पर नजर डालें, तो इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल का दाम 70.60 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।

 आखिर अभी क्यों नहीं घट रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने नई दिल्ली में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि तेल कंपनियां तुरंत दाम क्यों नहीं घटा पा रही हैं।
केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा कि अभी सरकार तेल कंपनियों के पास कच्चे तेल का जो स्टाक है, वह दो-ढाई महीने पुराना है। यानी कि यह उस समय का है जब क्रूड की कीमतें ज्यादा थीं। अगर क्रूड की कीमतें आगे भी कम बनी रहती हैं तो पेट्रोल-डीजल की कीमत को कम करने के बारे में सोचा जा सकता है।
 दूसरे शब्दों में कहें तो फिलहाल सरकारी कंपनियां कीमतों में कोई बदलाव नहीं करने जा रही हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इसके पीछे एक वजह यह भी है कि भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने लंबे समय तक (पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान खास तौर पर) लागत से कम कीमत पर पेट्रो उत्पादों की कीमतों की बिक्री की है। अभी भी तेल कंपनियां अंडर रिकवरी (यानी लागत से कम कीमत पर उत्पाद बेचना) की स्थिति में हैं, क्योंकि अभी ग्राहकों को जो तेल दिया जा रहा है वह पूर्व में महंगी कीमत पर खरीदे गए क्रूड से तैयार किया गया है।
Source: Dainik Jagran 

संकट के समय तेल कंपनियों को हुआ भारी नुकसान

हरदीप सिंह पुरी ने यह भी जानकारी दी कि पिछले दिनों पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक बहुत बढ़ गई थीं और यह 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। उस मुश्किल समय में आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने घाटा सहकर भी पेट्रोल-डीजल और एलपीजी को सस्ती कीमतों पर बेचा। इस वजह से 30 जून तक इन सरकारी तेल कंपनियों को कुल 74,781 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

भारत में अन्य देशों के मुकाबले बहुत कम बढ़ीं कीमतें

केंद्रीय मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि दुनिया भर में आए तेल संकट के बीच भी भारत सरकार ने देश के नागरिकों को बड़ी राहत दी। जहां दुनिया के विकसित देशों में इस संकट के दौरान पेट्रोल के दाम करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ गए और भारत के पड़ोसी देशों में कीमतें 35 प्रतिशत तक आसमान छूने लगीं, वहीं भारत में पेट्रोल के दामों में केवल 5.58 प्रतिशत की ही बढ़ोतरी देखी गई। उन्होंने यह भी कहा कि इस तनाव के माहौल में भी देश के किसी भी हिस्से में ईंधन (ईंधन की आपूर्ति) की कोई कमी नहीं होने दी गई।

नायरा एनर्जी ने घटाए दाम, सरकार ने इसपर क्या कहा?

इस बीच प्राइवेट सेक्टर की तेल कंपनी 'नायरा एनर्जी' ने अपने पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी है। इस पर स्थिति साफ करते हुए हरदीप पुरी ने बताया कि इस कटौती से भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। दरअसल, जब तेल संकट आया था तब नायरा एनर्जी जैसी निजी कंपनियों ने अपने दाम 5 रुपये तक बढ़ा दिए थे और सरकारी कंपनियों ने कीमतें स्थिर रखी थीं। अब जब कच्चे तेल के दाम कम हुए हैं, तो निजी कंपनी ने केवल अपना बढ़ाया हुआ मुनाफा वापस लिया है। सरकार आने वाले 2-3 महीनों की स्थिति को देखने के बाद ही आम जनता के लिए सही और बड़ा फैसला लेगी।

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