UP News|उत्तरप्रदेश के लखनऊ में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल गर्लफ्रेंड से झगड़े और बात न करने के गम में आत्महत्या करने जा रहे 21 वर्षीय युवक की जान मेटा के अलर्ट और पुलिस की तत्परता ने बचा ली। पुलिस टीम सिर्फ 8 मिनट में युवक के घर पहुंच गई और उसे अस्पताल पहुंचाकर उसकी जिंदगी बचा ली।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
हुआ ये कि 10 अगस्त को सीतापुर जिले के पिसावाँ थाना क्षेत्र के 21 साल के युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में उसने कीटनाशक की शीशी दिखाते हुए लिखा था- "आ रहा हूँ भाई आज"। गर्लफ्रेंड से विवाद और उसके द्वारा फोन न उठाने से परेशान युवक ने यह कदम उठाया था।
उसी दिन शाम 3:32 बजे मेटा कंपनी की ओर से पुलिस महानिदेशक कार्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के जरिए अलर्ट मिला। डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर मुख्यालय ने तत्काल मोबाइल नंबर से लोकेशन ट्रेस कर सीतापुर पुलिस को सूचना दी।
थाना पिसावाँ के थानाध्यक्ष प्रभात गुप्ता, उप निरीक्षक अनिल कुमार मिश्रा, आरक्षी सत्यभान सिंह, आरक्षी नीरज और रिक्रूट कांस्टेबल सनी युवक के घर पहुंच गए। वहां युवक खाली कीटनाशक की शीशी हाथ में पकड़े उल्टी करने की कोशिश कर रहा था। उसने दवा पी ली थी। पुलिस ने फौरन उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। इलाज के बाद उसकी हालत सामान्य हो गई।
पूछताछ में युवक ने बताया कि वह एक लड़की से प्यार करता था, लेकिन कुछ समय से वह बात नहीं कर रही थी। कई बार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद फोन नहीं उठाया गया। मानसिक तनाव में उसने आत्महत्या का यह कदम उठाया। पुलिस की काउंसलिंग के बाद युवक ने भविष्य में ऐसा कोई कदम न उठाने का आश्वासन दिया। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
कैसे काम करता है मेटा का अलर्ट सिस्टम
उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच 2022 से चल रही व्यवस्था के तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी पोस्ट पर अलर्ट मिलता है। 1 जनवरी 2023 से 31 जुलाई 2026 तक ऐसे अलर्ट्स पर संज्ञान लेते हुए यूपी पुलिस ने कुल 3562 लोगों की जान बचाई है।
