अमेरिका-ईरान युद्ध रुका: दोनों देशों में सहमति;होर्मुज भी खुलेगा,तेल आपूर्ति बढ़ेगी? ईरान ने रखी 3 शर्तें

अमेरिका-ईरान युद्ध रुका: दोनों देशों में सहमति;होर्मुज भी खुलेगा,तेल आपूर्ति बढ़ेगी? ईरान ने रखी 3 शर्तें

US-Iran Deal: अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म करने पर बनी सहमति, 19 जून को हो सकते हैं हस्ताक्षर; ट्रंप बोले- दुनिया के जहाज इंजन चालू करें                      

US - Iran War End: मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच टकराव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर शांति समझौता लगभग पूरा हो चुका है। ट्रंप के अनुसार दोनों देशों के प्रतिनिधि 19 जून को स्विट्जरलैंड में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर कर सकते हैं।

ट्रंप ने कहा -"दुनिया के जहाज अपने इंजन चालू करें"

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो चुका है। उन्होंने दुनिया भर के जहाजों से कहा कि वे अपने इंजन चालू कर लें क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को फिर से खोला जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना की समुद्री नाकेबंदी हटाने की अनुमति दे दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य खुलेगा :तेल आपूर्ति बढ़ेगी 

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यदि यह मार्ग पूरी तरह खुल जाता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ सकती है और तेल की कीमतों में स्थिरता देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी राहत मिलेगी।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी की पुष्टि

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच 19 जून को समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हुई और हाल के दिनों में लगभग 47 घंटों तक चली कूटनीतिक चर्चाओं के बाद सहमति बनी है।

समझौते में शामिल हैं ये अहम शर्तें

हालांकि समझौते का पूरा दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन ईरानी मीडिया और कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।

इनमें युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करना, ईरान के फ्रीज किए गए फंड जारी करना और परमाणु कार्यक्रम व प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रखना शामिल है।

ईरान ने रखीं तीन प्रमुख शर्तें

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी के अनुसार, अंतिम समझौते से पहले ईरान ने अमेरिका के सामने तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं। 

1.पहली शर्त सैन्य और नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह समाप्त करना है। 

2.दूसरी शर्त युद्ध और सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई रोकना है।

3.तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण शर्त ईरान की फ्रीज की गई विदेशी संपत्तियों और फंड को जारी करना है।

ईरान का कहना है कि यदि इन शर्तों का पालन होता है तो वह आगे की वार्ता में सकारात्मक भूमिका निभाएगा।

मध्य पूर्व में शांति की नई उम्मीद

यदि 19 जून को यह समझौता आधिकारिक रूप से हस्ताक्षरित हो जाता है, तो यह मध्य पूर्व की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जाएगा। इससे न केवल अमेरिका और ईरान के बीच वर्षों पुराना तनाव कम होगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। दुनिया भर की नजरें अब 19 जून को होने वाली संभावित बैठक और दोनों देशों की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।

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