MP News-Morena Train Accident: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक दर्दनाक रेल हादसा हुआ, जिसमें चार यात्रियों की मौत हो गई। मृतकों में तीन महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद यात्री घबराकर नीचे उतर गए और दूसरी पटरी पर पहुंच गए। इसी दौरान दूसरी दिशा से आ रही ट्रेन की चपेट में आने से यह हादसा हो गया।
अलार्म चेन पुलिंग के कारण बीच रास्ते में रुकी ट्रेन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग (ACP) कर दी थी। इसके कारण ट्रेन बीच सेक्शन में रुक गई। ट्रेन रुकने के कुछ ही देर बाद एक कोच में मोबाइल ब्लास्ट होने की अफवाह फैल गई, जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया।
अफवाह से घबराकर ट्रेन से उतरने लगे यात्री
मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा फैलते ही कई यात्री बिना स्थिति की पुष्टि किए ट्रेन से नीचे उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ यात्री अपनी जान बचाने के लिए जल्दबाजी में रेलवे ट्रैक की ओर भागने लगे। अफरा-तफरी के माहौल में किसी को यह अंदाजा नहीं था कि दूसरी लाइन पर एक और ट्रेन आने वाली है।
पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आए चार यात्री
जानकारी के मुताबिक, जब यात्री ट्रेन से उतरकर पास की अप लाइन पर पहुंचे, उसी समय गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सेवनी पातालकोट एक्सप्रेस तेज रफ्तार से वहां से गुजर रही थी। ट्रैक पर मौजूद चार यात्री उसकी चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
रेलवे और पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। शुरुआती जांच में ट्रेन में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के पीछे अफवाह और घबराहट मुख्य वजह हो सकती है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
मृतकों के परिजनों को सहायता का आश्वासन
प्रशासन ने हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।
अफवाहों से बचने की अपील
यह हादसा बताता है कि किसी भी आपात स्थिति में अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करना कितना जरूरी है। समय रहते सही जानकारी मिलने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।


