Aadhaar Card New Design: भारत में पहचान का सबसे अहम दस्तावेज माने जाने वाला Unique Identification Authority of India (UIDAI) अब आधार कार्ड के डिजाइन में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। नए अपडेट के तहत आधार कार्ड को अधिक सुरक्षित और गोपनीय बनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि नए डिजाइन में कार्ड पर केवल फोटो और QR कोड प्रमुख रूप से दिखाई देगा।
यह कदम हाल ही में लॉन्च किए गए नए mAadhaar ऐप के बाद उठाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आधार के दुरुपयोग को रोकना और यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करना है।
क्या होगा नए Aadhaar Card में बदलाव?
सूत्रों के मुताबिक नए डिजाइन में:
💡आधार नंबर को पूरी तरह से सार्वजनिक रूप से प्रिंट नहीं किया जाएगा
💡केवल फोटो और सुरक्षित QR कोड प्रमुख रूप से दिखेगा
💡QR कोड स्कैन करने पर अधिकृत एजेंसियों को जरूरी जानकारी मिलेगी
💡फर्जीवाड़ा रोकने के लिए एन्क्रिप्शन सिस्टम और मजबूत किया जाएगा
क्यों किया जा रहा है यह बदलाव?
पिछले कुछ वर्षों में आधार की फोटोकॉपी या डिजिटल कॉपी के दुरुपयोग की घटनाएं सामने आई थीं। कई मामलों में लोगों की व्यक्तिगत जानकारी का गलत इस्तेमाल किया गया। ऐसे में Unique Identification Authority of India आधार सिस्टम को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए यह कदम उठा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि QR कोड आधारित वेरिफिकेशन से:
✅डेटा चोरी का खतरा कम होगा
✅फर्जी आधार कार्ड बनाना मुश्किल होगा
✅यूजर्स की निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी
आम लोगों को क्या फायदा होगा?
✅ बेहतर प्राइवेसी
✅अब सार्वजनिक रूप से पूरा आधार नंबर साझा करने की जरूरत नहीं होगी।
✅ तेज और सुरक्षित वेरिफिकेशन
QR कोड स्कैन करते ही अधिकृत सिस्टम पर डेटा सत्यापित हो सकेगा।
✅ कम होगा फ्रॉड
एन्क्रिप्टेड QR कोड के कारण नकली कार्ड बनाना कठिन होगा।
अब पुराने Aadhaar Card का क्या होगा ?
UIDAI की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पुराने आधार कार्ड अमान्य होंगे या नहीं। संभावना है कि पुराने कार्ड भी वैध रहेंगे, लेकिन नए डिजाइन को धीरे-धीरे लागू किया जाएगा।
डिजिटल Aadhaar को बढ़ावा
सरकार डिजिटल पहचान को बढ़ावा दे रही है। mAadhaar ऐप और QR आधारित सिस्टम से लोग मोबाइल के जरिए ही पहचान सत्यापन कर सकेंगे। इससे फिजिकल कार्ड पर निर्भरता भी कम होगी।
नए डिजाइन वाला आधार कार्ड सुरक्षा और गोपनीयता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। फोटो और QR कोड आधारित सिस्टम से न केवल फर्जीवाड़ा कम होगा बल्कि आम नागरिकों की निजी जानकारी भी सुरक्षित रहेगी। आने वाले समय में UIDAI इस संबंध में आधिकारिक घोषणा कर सकता है।

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