Chandra Grahan 2026 : 28 अगस्त को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। यह गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण सुबह 6:53 बजे शुरू होकर दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा।
इसका मुख्य आंशिक चरण सुबह 8 :04 बजे से 11:22 बजे तक रहेगा, जबकि सुबह 9:43 बजे परमग्रास की स्थिति होगी। ग्रहण की कुल अवधि करीब 3 घंटे 18 मिनट रहेगी।
कहां दिखेगा चंद्रग्रहण?
हरियाणा विज्ञान मंच के जिला संयोजक धर्मपाल शर्मा ने बताया कि भारत में यह ग्रहण दिन के समय होने के कारण दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि यह ग्रहण उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका, पश्चिमी यूरोप तथा अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। इसी दिन रक्षाबंधन यानी सावन पूर्णिमा का पर्व भी मनाया जाएगा।
ग्रहण के दौरान चंद्रमा का करीब 93 से 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा। इसके कारण चंद्रमा तांबे जैसे लाल रंग का दिखाई दे सकता है।
कैसे होता है चंद्रग्रहण?
चंद्र ग्रहण उस समय होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। शर्मा ने बताया कि सूर्य ग्रहण के विपरीत चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष सुरक्षा उपकरण की आवश्यकता नहीं होती।पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरने वाला प्रकाश चंद्रमा तक पहुंचता है, जिसमें लाल रंग का प्रकाश अधिक प्रभावी होता है। इसी कारण ग्रहण के समय चंद्रमा लाल दिखाई देता है।
RakshaBandhan, LunarEclipse



