Suger Price Hike : चीनी की कीमतों को लेकर आम लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। सरकार की ओर से चीनी के आयात की अनुमति दिए जाने के बाद घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, चीनी की कीमत में करीब 18% तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में भी चीनी सस्ती होने की उम्मीद है।
चीनी की खुदरा कीमत घटकर 55 रुपये हुई
सरकार की ओर से आयात की मंजूरी मिलने के बाद चीनी के भाव में कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी की कीमत करीब 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इससे पहले एक्स-मिल यानी कारखाने से निकलने वाली चीनी की कीमत लगभग 67 रुपये प्रति किलो बताई गई थी। बाजार में बढ़ती आपूर्ति के कारण कीमतों में और नरमी आने की संभावना जताई जा रही है।
आयात की मंजूरी से बढ़ी चीनी की सप्लाई
केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के अनुसार, सरकार ने चीनी की कमी को देखते हुए आयात की अनुमति दी है। हाल ही में केंद्र सरकार ने करीब 10 लाख टन तक चीनी के आयात की मंजूरी दी थी। इसके अलावा खुदरा कारोबार के लिए चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए राज्यों को भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
आयात बढ़ने से घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। बाजार में पर्याप्त स्टॉक रहने पर कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की संभावना भी कम हो सकती है।
रिटेल और थोक बाजार में मिल सकती है राहत
चीनी के थोक और खुदरा बाजार में कीमतों का अंतर भी देखने को मिलता है। रिपोर्ट के अनुसार, एक्स-मिल और खुदरा बाजार के भाव में अभी अंतर बना हुआ है। ऐसे में यदि थोक कीमतों में गिरावट का असर खुदरा बाजार तक पहुंचता है, तो आम उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में सस्ती चीनी मिल सकती है।
हालांकि, खुदरा कीमतों में कमी कितनी और कब तक दिखाई देगी, यह बाजार में सप्लाई, मांग और स्थानीय कीमतों पर निर्भर करेगा।
देशभर में जमाखोरी पर सरकार की नजर
सरकार चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रख रही है। नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) के अनुसार, देश में एक्स-मिल कीमतों में भी कमी आई है। सरकार का प्रयास है कि बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध रहे और जमाखोरी के कारण कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो।
15 दिन से ज्यादा स्टॉक रखने पर नियम
सरकार ने चीनी कारोबारियों और डीलरों के लिए स्टॉक से जुड़े नियम भी लागू किए हैं। नियमों के तहत महीने में तय सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक रखने पर कार्रवाई की जा सकती है। कारोबारियों को उपलब्ध स्टॉक की जानकारी भी निर्धारित तरीके से देनी होती है।
इन नियमों का उद्देश्य बाजार में चीनी की नियमित सप्लाई बनाए रखना और जमाखोरी पर रोक लगाना है।
आम लोगों को कब मिलेगी सस्ती चीनी?
चीनी के एक्स-मिल भाव में गिरावट का असर धीरे-धीरे थोक और फिर खुदरा बाजार में दिखाई दे सकता है। यदि बाजार में सप्लाई पर्याप्त बनी रहती है और मांग के मुकाबले उपलब्धता बेहतर रहती है, तो आने वाले समय में चीनी के खुदरा भाव में और कमी देखने को मिल सकती है।


