BSNL और Vi में हुआ समझौता : दोनों के बीच होगा नेटवर्क शेयर; अब 5G को मिलेगी रफ्तार

BSNL और Vi में हुआ समझौता : दोनों के बीच होगा नेटवर्क शेयर; अब 5G को मिलेगी रफ्तार

BSNL-Vi नेटवर्क शेयरिंग डील: अब दोनों कंपनियों का नेटवर्क होगा साझा, ग्राहकों को मिल सकता है बड़ा फायदा

PUBLIC NEWS HINDI: सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL और Vodafone Idea (Vi) ने देशभर के टेलीकॉम सर्किल में नेटवर्क शेयरिंग बढ़ाने पर सहमति बनाई है। आसान भाषा में कहें तो आने वाले समय में दोनों कंपनियां एक-दूसरे के टावर, ऑप्टिकल फाइबर और नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेंगी। इसका मकसद नेटवर्क का खर्च घटाना और उन इलाकों में कवरेज बढ़ाना है, जहां अभी सिग्नल कमजोर है। 

BSNL और Vi के बीच क्या हुआ समझौता?

BSNL और Vi के बीच नेटवर्क शेयरिंग को अब ज्यादा बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी है। दोनों कंपनियां Intra-Circle और Inter-Circle Roaming की सुविधा पर काम करेंगी। इसका मतलब है कि जरूरत पड़ने पर BSNL का ग्राहक Vi के नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेगा और इसी तरह Vi के ग्राहक को भी BSNL के नेटवर्क का फायदा मिल सकता है। दोनों कंपनियां अपने टेलीकॉम टावर और ऑप्टिकल फाइबर जैसी सुविधाएं भी साझा करेंगी। 

दिल्ली-मुंबई में पहले से चल रही है व्यवस्था

यह साझेदारी बिल्कुल नई नहीं है। BSNL और Vi के बीच दिल्ली और मुंबई में नेटवर्क शेयरिंग की व्यवस्था पहले से मौजूद है। इन जगहों पर BSNL के ग्राहक कुछ परिस्थितियों में Vi के नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। अब इसी मॉडल को दूसरे टेलीकॉम सर्किल तक ले जाने की तैयारी है। 

🛜ग्राहकों को क्या फायदा होगा?

इस डील का सबसे बड़ा फायदा मोबाइल यूजर्स को मिलने की उम्मीद है। अगर किसी इलाके में BSNL का नेटवर्क कमजोर है, तो वहां Vi का नेटवर्क मदद कर सकता है। वहीं जहां Vi का नेटवर्क कमजोर है, वहां BSNL के टावर नेटवर्क का फायदा मिल सकता है।

इससे कवरेज बढ़ने, नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर होने और कॉल ड्रॉप जैसी दिक्कतों में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि इस बदलाव को सभी जगह पहुंचने में अभी थोड़ा समय लग सकता है।

🛜ग्रामीण इलाकों को भी अच्छे नेटवर्क का फायदा 

BSNL की ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में अच्छी मौजूदगी है। दूसरी तरफ Vi के पास भी बड़ा मोबाइल नेटवर्क है। ऐसे में दोनों कंपनियां अपने मौजूदा संसाधनों का इस्तेमाल करके उन जगहों तक नेटवर्क पहुंचाने की कोशिश कर सकती हैं, जहां नई साइट लगाने में ज्यादा समय और पैसा लगता है।

इससे खासकर उन ग्राहकों को फायदा मिल सकता है जिन्हें अभी कमजोर सिग्नल या नेटवर्क की समस्या का सामना करना पड़ता है। 

🗼 कंपनियों का खर्च भी कम होगा

नेटवर्क लगाने में टावर, फाइबर, बिजली, जमीन और दूसरी सुविधाओं पर काफी पैसा खर्च होता है। अगर BSNL और Vi एक ही जगह के इंफ्रास्ट्रक्चर को साझा करते हैं, तो दोनों कंपनियों को हर जगह अलग-अलग नेटवर्क बनाने की जरूरत कम पड़ेगी।

दोनों कंपनियों के पास कितने टावर हैं?

Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, Vi के पास करीब 1.90 लाख टावर, जबकि BSNL के पास करीब 1.21 लाख टावर हैं। तुलना करें तो Jio के पास करीब 3.33 लाख और Airtel के पास करीब 2.92 लाख साइट्स बताई गई हैं। ऐसे में BSNL और Vi के लिए नेटवर्क संसाधनों को साथ इस्तेमाल करना दोनों कंपनियों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

🛜 5G को भी मिल सकती है रफ्तार

नेटवर्क शेयरिंग की चर्चा सिर्फ टावर तक सीमित नहीं है। BSNL और Vi के बीच 4G और 5G इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी सहयोग की बात सामने आई है। इससे दोनों कंपनियां मौजूदा नेटवर्क का ज्यादा बेहतर इस्तेमाल कर सकती हैं और 5G से जुड़े विस्तार को भी मदद मिल सकती है। हालांकि, BSNL 5G पूरे देश में में शुरू होने में अभी वक्त लगेगा।

सरकार की भी है बड़ी हिस्सेदारी

इस साझेदारी की एक खास बात यह है कि भारत सरकार का BSNL पर पूरा मालिकाना नियंत्रण है, जबकि Vodafone Idea में सरकार की करीब 49% हिस्सेदारी है। ऐसे में दोनों कंपनियों के नेटवर्क संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सरकार के लिए भी महत्वपूर्ण है। नेटवर्क बनाने में होने वाली दोहराई गई लागत कम होने से दोनों कंपनियों को फायदा मिल सकता है।

  हालांकि, यह सुविधा कब और किस इलाके में शुरू होगी, यह नेटवर्क शेयरिंग की आगे की प्रक्रिया और दोनों कंपनियों के सर्किल के हिसाब से तय होगा।

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