बस्तर फाइटर्स में 4600 पदों के लिए होगी सीधी भर्ती, स्थानीय युवाओं को मौका;लिखित और दक्षता परीक्षा के जरिए होगा चयन - Bastar Fighters

बस्तर फाइटर्स में 4600 पदों के लिए होगी सीधी भर्ती, स्थानीय युवाओं को मौका;लिखित और दक्षता परीक्षा के जरिए होगा चयन - Bastar Fighters

Bastar Fighters Vacancy: बस्तर संभाग के स्थानीय युवाओं को पुलिस सेवा से जोड़ने के लिए बस्तर फाइटर्स में 4600 आरक्षकों की सीधी भर्ती होगी। भर्ती की खास बात यह है कि स्थानीय भाषा-बोली जानने वाले अभ्यर्थियों को 20 बोनस अंक मिलेंगे। गृह विभाग ने भर्ती की नियमावली तैयार कर ली है। पुलिस मुख्यालय इसके लिए अलग से विज्ञापन जारी करेगा।

जरूरी योग्यता (Bastar Fighters Eligibility) 

✅भर्ती में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी का संबंधित जिले का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य होगा। 

✅सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है। (एसटी वर्ग के अभ्यर्थी 5वीं पास होने पर भी पात्र होंगे।)

 ✅नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के नक्सल पीड़ित परिवारों और राहत शिविरों में रहने वाले परिवारों के सभी वर्गों के उम्मीदवारों को भी 5वीं पास होने पर मौका मिलेगा। 

✅अभ्यर्थियों की आयु 18 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
 नोट - 1.एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की छूट मिलेगी।
 2. महिलाओं, पूर्व सैनिकों, नगर सैनिकों और संविदा कर्मचारियों को भी नियमानुसार आयु सीमा में अतिरिक्त छूट दी जाएगी। 

भर्ती प्रक्रिया (Selection Process)

चयन प्रक्रिया 200 अंकों की होगी। 
1. पहले 100 अंकों की शारीरिक दक्षता परीक्षा में लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, 100 और 800 मीटर दौड़ होगी।
2. फिर 100 अंकों की लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।

आरक्षण और पेंशन का नया विकल्प

इस भर्ती में स्थानीय महिलाओं को 30%, 3 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके होम गार्ड्स को 25% और भूतपूर्व सैनिकों को 10% का आरक्षण मिलेगा। चयनित जवानों को सरकार द्वारा नई पेंशन प्रणाली के तहत एनपीएस या यूपीएस (एकीकृत पेंशन योजना) में से किसी एक को चुनने का अधिकार होगा।

बस्तर फाइटर्स में स्थानीय भर्ती के 4 कारण

भौगोलिक समझ का फायदा

बस्तर के घने जंगलों, पहाड़ियों और दुर्गम इलाकों में बाहरी पुलिस बलों की तुलना में स्थानीय युवाओं को रास्तों की जानकारी अधिक होती है। 

स्थानीय बोली में संवाद

गोंडी-हलबी जैसी बोली में ग्रामीणों के बीच संवाद होता है। इससे पुलिस और आदिवासियों के बीच का अविश्वास खत्म करने में मदद मिलती है।

मुख्यधारा से जुड़ाव

5वीं और 10वीं पास स्थानीय युवाओं व नक्सल प्रभावित परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी देकर उन्हें मुख्यधारा में शामिल करना मुख्य मकसद है।

सटीक इंटेलिजेंस

बस्तर के सामाजिक-सांस्कृतिक माहौल से जुड़े होने के कारण स्थानीय जवानों के माध्यम से खुफिया सूचनाएं तेजी से और सटीक मिलती हैं।

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